Tuesday, April 28, 2020

चला था ज़िन्दगी के सफर में अकेला
न कोई मंज़िल थी न कोई ठिकाना
फिर आया एक मोड़
अपने सब बंधनों को छोड़
तुमने थामा जो मेरा हाथ
किया इक वादा निभाने का जो साथ
बदल गयी ज़िन्दगी, मिल गया किनारा
ये ही दुआ है कभी साथ न छोटे हमारा
आओ प्रिये चुने शब्दों का ऐसा जाल
हंसी ख़ुशी कटते  रहें दिन महीने साल
तुम मुस्कुराती रहो हर पल
बस यही चाहता है विपल!

Saturday, October 23, 2010

she says she needs nobody in her life. I remember once she said to me "go away. You are nobody to me"

Tuesday, July 13, 2010

kaisa hai ye zindagi ka dastoor
Koi paas hote huey bhi hai door!!!

Wednesday, June 30, 2010

Sunday, December 27, 2009

लाचार

सब कहते हैं कितना खुश हूँ मैं
सिर्फ मैं ही जानता हूँ कितना लाचार हूँ मैं
चाह कर भी इज़हार कर नहीं पाता
ये दिल उसे दिया भी नहीं जाता
मालुम है दिल मेरा ही टूटना है
और फिर से दर्द मुझे ही होना है
काश की वो समझ पाती की मैं उसे चाहता हूँ
दिल के हर कोने में उसे ही ढूंढता हूँ
जाने कब पूरा होगा मेरा ये सपना
कब वो भी मानेगी हमें हमसफ़र अपना
सुना है मीठा होता है सब्र का फल
बस इसी उम्मीद पर दिन काट रहा है विपल

Tuesday, December 1, 2009

इंतज़ार..

कोशिश तो बहुत की मगर बढ़ ही गई दूरियां
पर इसमें हमारी भी थी कुछ मजबूरियां
हमने इज़हार तो किया
मगर उन्होंने स्वीकार न किया
उन्होंने पीछे मुड़ कर भी ना देखा
की कैसे भुला रहे हैं हम अपने गम को
बहुत कोशिश की मगर भुला ना पाए
जितनी कोशिश करी वो और भी याद आये
अब बदल ही गया है हमारी जिंदगी का पैमाना
ना कोई ख़ुशी है ना कोई फ़साना
अभी भी इंतज़ार है उनके आने का
खुशियाँ और तरंग साथ लाने का
इसी उम्मीद पर जी रहे हैं हम
और ना तडपाओ अब आ भी जाओ सनम...