कोशिश तो बहुत की मगर बढ़ ही गई दूरियां
पर इसमें हमारी भी थी कुछ मजबूरियां
हमने इज़हार तो किया
मगर उन्होंने स्वीकार न किया
उन्होंने पीछे मुड़ कर भी ना देखा
की कैसे भुला रहे हैं हम अपने गम को
बहुत कोशिश की मगर भुला ना पाए
जितनी कोशिश करी वो और भी याद आये
अब बदल ही गया है हमारी जिंदगी का पैमाना
ना कोई ख़ुशी है ना कोई फ़साना
अभी भी इंतज़ार है उनके आने का
खुशियाँ और तरंग साथ लाने का
इसी उम्मीद पर जी रहे हैं हम
और ना तडपाओ अब आ भी जाओ सनम...
KHUSHIYAN FIR SE LAUTENGI…. TARANG SE JEEVAN RANG JAYEGA…
ReplyDeleteTERA INTAZAR JARUR RANG LAYEGA
MILTI HAI JINDAGI ME KUCH CHEEJEIN MUSHKIL SE….
NIKAL DO IS DARD KO HUMESHA KE LIYE DIL SE….
ACHE LOGON KE SATH BURA NAHI HOTA…
BHAGWAN KE GHAR ME ANDHERA NAHI HOTA
KHUD KO KABHI NA BADALNA… JAISE HO WAISE HI REHNA
LAUT AAYENGI JEEVAN ME KHUSHIYAN…UMEED KA DAMAN KABHI NA CHORNA
Dost:)